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जलजीवन मिशन में कार्य-प्रगति को लेकर प्रदेश स्तर पर जिले की फिर हुई सराहना

धमतरी | प्रदेश के मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने आज प्रदेश के सभी संभागायुक्त और कलेक्टरों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक लेकर विभिन्न एजेण्डों पर आवश्यक निर्देश दिए। इसमें कोविड मृत्यु से मुआवजा, टीकाकरण, जलजीवन मिशन, अपशिष्ट पदार्थ प्रबंधन, चावल जमा करने, धान खरीदी के अंतिम चरण में जिलों की तैयारी एवं स्टॉक का भौतिक सत्यापन, धान का उठाव 15 अप्रैल तक शत-प्रतिशत करने तथा चिटफण्ड कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में मुख्य सचिव ने चर्चा की। इस दौरान जलजीवन मिशन के तहत जिले मंे रेट्रोफिटिंग सहित एफएचटीसी का कार्यादेश जारी करने के मामले में जिला प्रशासन की सराहना अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू के द्वारा की गई। एचएफटीसी कार्यादेश के मामले में जिले का कव्हरेज 229 प्रतिशत है जो कि प्रदेश में सर्वाधिक है। कलेक्टर श्री पी.एस. एल्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल होकर निर्धारित एजेण्डों पर जिले की कार्य-प्रगति की जानकारी दी। अपराह्न 3.30 बजे से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कलेक्टर ने चावल जमा कराने तथा एफसीआई से रेक मूवमेंट के संबंध मंे कहा कि इस माह जिले में 16 रेक की जगह सिर्फ चार रेक लग रहे हैं जिससे अपेक्षित मात्रा में चावल का उठाव नहीं हो रहा है। इसलिए रेक मूवमेंट की संख्या मंे वृद्धि होते ही चावल उठाव में उपयुक्त तेजी आ पाएगी, जबकि 3480 मेट्रिक टन चावल का उठाव किया जाना है। इस पर मुख्य सचिव ने एफसीआई के महाप्रबंधक को निराकरण करने के लिए कहा। उल्लेखनीय है कि जिले में कुल एक लाख 24 हजार 887 मीट्रिक टन चावल का उठाव भारतीय खाद्य निगम तथा नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा किया गया है। इसी तरह धान खरीदी के मामले में जिले में अब तक तीन लाख 91 हजार 378 मेट्रिक टन धान का उपार्जन 96 केन्द्रों में किया गया है जिसमें से 2 लाख 53 हजार 305 मेट्रिक टन धान मिलरों को प्रदाय किया गया है।


मुख्य सचिव ने कहा कि धान-खरीदी आगामी 07 फरवरी तक किया जाना है, इसके अंतिम चरण मंे अगले एक सप्ताह तक मुस्तैदी एवं सतर्कता से सभी संबंधित जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। साथ ही धान खरीदी समाप्त होते ही प्रत्येक खरीदी केंद्र में स्टॉक का भौतिक सत्यापन करने व सभी आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी 15 अप्रैल तक धान का सम्पूर्ण उठाव अनिवार्यतः कर लिया जाना चाहिए, जिसके लिए जिला प्रशासन अपनी कार्ययोजना तैयार कर लें। इसके अलावा सरहदी प्रांत से लगे जिलों को अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए टोकन काटने से पूर्व भलीभांति परीक्षण करने व निगहबानी बढ़ाने पर भी जोर दिया। इसी तरह चिटफण्ड कंपनी के संचालकों की सम्पत्ति कुर्क करने के लिए अंतर्जिला स्तर पर समन्वय करने के भी निर्देश कलेक्टरों को दिए। इसके पहले बताया गया कि प्रदेश में कोविड टीकाकरण के द्वितीय डोज और प्रीकॉशन डोज की प्रगति संतोषप्रद नहीं है इसलिए सभी जिले इस पर फोकस करें। इसके अलावा रायपुर में आगामी तीन फरवरी को आयोजित होने वाले कार्यक्रम के संबंध में वी.सी. में जानकारी दी गई। इस अवसर पर संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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