Home Latest छत्तीसगढ़ की पुरातन और विशिष्ट परंपरा है मानस गायन- विजय देवांगन

छत्तीसगढ़ की पुरातन और विशिष्ट परंपरा है मानस गायन- विजय देवांगन

निकाय स्तरीय मानस गान प्रतियोगिता का हुआ समापन

जय गोकुलधाम मानस मंडली गोकुलपुर ने हासिल किया प्रथम स्थान

धमतरी। छत्तीसगढ़ में भगवान राम और रामायण के प्रति श्रद्धा अगाध है। कांग्रेस के सरकार में आने के बाद भगवान राम से जुड़े प्रतीकाें का सांस्कृतिक पहचान के तौर पर प्रोत्साहन बढ़ा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार राम वन गमन पथ परियोजना लेकर आई। अब सरकार ने यहां के गांव-गांव शहर शहर में प्रचलित मानस गायन मंडलियों के बीच प्रतियोगिता करा रही है,इसी क्रम में मंगलवार को नगरीय स्तरीय मानस गान प्रतियोगिता का समापन हुआ।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि महापौर विजय देवांगन,आयुक्त विनय कुमार,कांग्रेस के वरिष्ठ अरविंद दोषी,एमआईसी सदस्य राजेश पांडे,पार्षद दीपक सोनकर,सविता तोमन कंवर,कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष ईश्वर देवांगन,आकाश गोलछा पूर्व पार्षद कैलाश सोनकर उपस्थित रहे।

महापौर विजय देवांगन ने रामायण मंडली प्रतियोगिता में भाग लिये सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए एवं प्रथम स्थान हासिल करने वाली मंडली को 5000 प्रोत्साहन राशि देते हुए आगे की स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं देते हुए वहां बैठे नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की अमूल्य धरोहर एवं संस्कृति को सहेजने के लिए शुरू की गयी यह प्रतियोगिता निश्चित रूप से अपने उदेदश्यों में कामयाब होगी। प्रभु श्री रामचंद्र जी का नैनिहाल छत्तीसगढ़ रहा है और उन्होंने अपना अधिकांश समय यहां व्यतीत किया है। वर्तमान एवं आने वाली पीढ़ी को इसकी जानकारी देने के लिए रामायण मंडली का कार्यक्रम उपयोगी साबित होगा।
प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल जी ने इस क्षेत्र से जुड़े कलाकारों को एक नया मंच प्रदान करने के साथ-साथ मानस गान प्रतियोगिता को पुनःजीवित करने का कार्य किया है।

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