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कवि, उपन्यासकार एवं गजलकार स्व. रंजीत भट्टाचार्य के जन्मदिन पर सार्थक स्कूल में साहित्यिक स्मृति कार्यक्रम

डॉ. अपराजिता एवं प्रियंवदा अग्रवाल के आयोजन में विशेष बच्चों ने ‘पहाड़’ कविता का सुलेख कर दी साहित्यिक श्रद्धांजलि

धमतरी | कवि, उपन्यासकार एवं गजलकार स्व. रंजीत भट्टाचार्य के निधन के बाद उनके प्रथम जन्मदिन, 75वें जन्मदिवस के अवसर पर डॉ. अपराजिता एवं प्रियंवदा अग्रवाल के आयोजन में सार्थक स्कूल, धमतरी में साहित्यिक स्मृति कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, स्मृतियों और विशेष बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा का सुंदर संगम देखने को मिला। स्व. रंजीत भट्टाचार्य की साहित्यिक स्मृति को विशेष बच्चों की रचनात्मक अभिव्यक्ति से जोड़ते हुए सार्थक स्कूल के बच्चों देवश्री, ईशु, प्राची, नेमेश, मनीष, मनीषा, वत्सला, यज्ञदत्त, एकलव्य एवं प्रीति ने उनके काव्य संग्रह “पाँव बने हाथ” की कविता ‘पहाड़’ का अपने हाथों से सुलेख किया। सार्थक की अध्यक्ष डॉ. सरिता दोशी ने ‘पहाड़’ कविता का वाचन किया।

कार्यक्रम में रंजीत भट्टाचार्य के परिवारजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उनके व्यक्तित्व एवं साहित्यिक योगदान से जुड़े संस्मरण साझा किए। उनके अभिन्न मित्र रामबिलास अग्रवाल एवं उनकी पत्नी नीता अग्रवाल का परिवार रंजीत जी के साथ लगभग 55 वर्षों से पारिवारिक आत्मीयता के साथ जुड़ा रहा। रामबिलास अग्रवाल ने उनके अचानक चले जाने को अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक क्षति बताते हुए उनकी स्मृतियों को साझा किया। पवनगिरी गोस्वामी ने भी उनके साथ नियमित मुलाकातों और आत्मीय संबंधों को याद किया।

‘प्रखर समाचार’ के प्रधान संपादक दीपक लखोटिया ने कहा कि, वे अपनी प्रत्येक रचना और संपादकीय अपनी स्वर्गीय पत्नी और परम मित्र रंजीत भट्टाचार्य को पढ़ाते थे। उन्होंने ‘प्रखर समाचार’ तथा उसके दीपावली विशेषांक ‘उजाला’ में रंजीत जी के साहित्यिक सुझावों और सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।रंजीत जी की भतीजियों डॉ. अपराजिता एवं प्रियंवदा अग्रवाल ने उनके व्यक्तित्व और जीवन से जुड़े संस्मरण साझा किए। उनकी बहनों उत्पला एवं उत्तरा ने उन्हें भाई के साथ-साथ पिता तुल्य स्नेहिल और मार्गदर्शक के रूप में स्मरण किया। भाभी नीता अग्रवाल ने भी उनके साथ बिताए आत्मीय पलों को याद किया। नन्ही बच्ची लोरी ने भी रंजीत जी से जुड़ी अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।

रंजीत जी की भतीजी डॉ अपराजिता ने उनके द्वारा बचपन में सिखाया गया गीत “हम पौधे हैं, वृक्ष बनेंगे, पानी, धूप, हवा में जियेंगे” प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में रामबिलास अग्रवाल एवं नीता अग्रवाल के परिवार की ओर से सार्थक स्कूल के सभी बच्चों को स्टेशनरी सामग्री भेंट की गई तथा स्वल्पाहार कराया गया। बच्चों ने इस आत्मीय पहल पर प्रसन्नता व्यक्त की। कार्यक्रम में सार्थक की अध्यक्ष डॉ. सरिता दोशी, सचिव स्नेहा राठौड़, नीता अग्रवाल, रामबिलास अग्रवाल, पवनगिरी गोस्वामी, डॉ. अपराजिता अग्रवाल, प्रियंवदा अग्रवाल, अद्विका अग्रवाल, उत्तरा पवार, विजय पवार, उत्पला गोस्वामी, दीपक लखोटिया सहित सार्थक स्कूल के प्रशिक्षकगण मैथिली गोड़े देविका दीवान कौशल्या यादव एवं काजल रजक उपस्थित रहे।

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