
धमतरी | राज्य शासन ने सार्वजनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था तथा शांति बनाए रखने के दृष्टिकोण से विविध/निजी/सार्वजनिक/धार्मिक/राजनैतिक/अन्य संगठनों अथवा संस्थाओं के द्वारा विभिन्न आयोजन यथा धरना, जुलूस, रैली, प्रदर्शन, भूख हड़ताल, सामाजिक, राजनैतिक, धार्मिक इत्यादि आयोजन, जिसमें भीड़ आती है, उनकी जिला प्रशासन से विधिवत पूर्व अनुमति प्राप्त करने की परिपाटी पुनः सही तरीके से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके मद्देनजर आज कलेक्टर पी.एस.एल्मा और पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी, जिससे कि उक्त आयोजनों को रूट परिवर्तन, आम नागरिकों के आवागमन, बाजार व्यवस्था एवं सुरक्षा के उपाय करने तथा प्रशासनिक व्यवस्था बनाने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
इसके अलावा यदि कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोग पारम्परिक मान्यता वाले शस्त्र, लाठी, तलवार, त्रिशूल, भाला, भालानुमा झण्डे इत्यादि का प्रयोग करने वाले हांं, तो उसका आवेदन के प्रारूप में स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य है। इसके साथ ही आयोजन में शामिल होने वाले प्रमुख दस व्यक्तियों के नाम, मोबाइल नंबर, पता (यदि एक से अधिक संगठन शामिल हों तो सभी संगठनों के 10-10 प्रमुख लोगों के नाम, संगठन में पद, मोबाइल नंबर, पता) की जानकारी भरकर देनी होगी। कलेक्टर और एसपी द्वय ने बैठक में उपस्थित सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बताया कि इस तरह के आयोजनों में शामिल होने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अनुमति पत्र की समस्त शर्तों का पालन करना होगा। साथ ही जिला प्रशासन और पुलिस बल का पूरा सहयोग भी करना होगा। आयोजन के मार्ग/स्थल पर कानून व्यवस्था और शांति पूरी तरह से बनाई रखनी होगी। व्यवस्था में लगे पुलिस/प्रशासन या अन्य शासकीय अधिकरी से दुर्व्यवहार या काम में व्यवधान नहीं किया जाए, यह भी सुनिश्चित करना होगा। इसके अलावा वाहनों को निर्धारित स्थल पर ही पार्क करना होगा। यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी व्यक्ति, जिसमें आयोजक भी शामिल है, जुलूस/सभा में हथियार, नशीला पदार्थ/अन्य खतरनाक पदार्थ नहीं ले जाएगा। आयोजन में नफरत फैलाने वाले भड़काउ भाषण नहीं दिए जाएं, लाऊड स्पीकर का यदि उपयोग किया जा रहा है, तो उसे प्रतिबंधित डेसिबल सीमा पर ही उपयोग किया जाए। इसके अलावा आयोजन में शामिल होने के लिए या बने रहने के लिए किसी को बाध्य नहीं किया जाए। साथ ही दिए गए समय और स्थान पर ही आयोजन को समाप्त करना होगा। आयोजन में शामिल होने वाली संख्या का कम से कम से पांच प्रतिशत वॉलंटियर रहेंगे, जो पुलिस और प्रशासन को व्यवस्था बनाने में सहयोग करेंगे। आयोजन के दौरान किसी भी निजी/सार्वजनिक सम्पत्ति को क्षति नहीं पहुंचाई जाएगी। इस दौरान आम जनता की सुविधा के लिए यातायात और सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा। पूरे आयोजन की वीडियोग्राफी की जाएगी और रिकॉर्डिंग की एक प्रति जुलूस/सभा के बाद दो दिनों के भीतर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को प्रस्तुत की जाएगी। साथ ही आयोजन में किसी पशु/पक्षी का उपयोग नहीं किया जाएगा।
बताया गया कि यदि निर्धारित कंडिकाओं में से किसी का भी उल्लंघन होता है, तो आयोजन समिति/ आवेदक इसके लिए व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह होंगे। अतः उनके विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। बैठक के अंत में कलेक्टर और एसपी ने सभी राजनीतिक दलों को राज्य शासन द्वारा इस संबंध में दिए गए निर्देशों से अवगत कराने के साथ ही आशा व्यक्त की कि सभी जिलेवासी उपरोक्त विषय में शासन द्वारा दिए गए निर्देशों का सही तरीके से पालन करेंगे, जिससे की कानून व्यवस्था बनी रहे और व्यवस्थित तरीके से शांति के साथ काम करने में सुविधा हो। इस बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के अलावा उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पॉल, एडीएम ऋषिकेश तिवारी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व धमतरी विभोर अग्रवाल उपस्थित रहे।