राम वनगमन पथ: 149 किलोमीटर की रैली के लिए रूट निर्धारित, सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच निकलेगी रैली , कलेक्टर ने अधिकारियों को दायित्व सौंपने के दिए निर्देश 

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धमतरी | कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने समय-सीमा की साप्ताहिक बैठक में 16 दिसम्बर को जिले में प्रस्तावित राम वनगमन पथ पर बाइक रैली के आयोजन को लेकर आवश्यक तैयारियां करने तथा अधिकारियों को अलग-अलग उत्तरदायित्व सौंपे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक रूट में औसतन बाइकर्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा इच्छुक जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित करने के लिए निर्देशित किया।कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने बताया कि बाइक रैली नगरी विकासखण्ड के ग्राम बांसपानी से शुरू होकर लोमश ऋषि आश्रम (मगरलोड) तक कुल 149 किलोमीटर तक आयोजित की जाएगी, जिसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी सहित इच्छुक लोग शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि कांकेर जिले की सीमा से रथ का आगमन धमतरी जिले में होगा, जिसमें नगरी विकासखण्ड के ग्राम टांगापानी के देवगुडी स्थल से शुरू होकर ठेमलीपारा मोड़ (कर्क ऋषि आश्रम), बिरगुड़ी मेनरोड होते हुए सेमरा, श्रृंगि ऋषि आश्रम (सिहावा), देवपुर, नगरी (बस स्टैण्ड) से होते हुए दुगली, केरेगांव से कुकरेल तक भ्रमण करेगा, इसके पश्चात् धमतरी विकासखण्ड के ग्राम भोयना, शकरवारा होते रूद्रेश्वर मंदिर रूद्री पहुंचेगा। यहां से पुनः भोयना होते हुए सलोनी, छुही, पाहंदा, सोनेवारा, राजपुर, मोहंदी, भरदा होते हुए परसवानी, छिपली मगरलोड से मधुबन, बड़ी करेली, भेण्ड्री, हसदा से लोमश ऋषि आश्रम पर रैली समाप्त होगी। सम्पूर्ण रैली सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच ही सम्पन्न होगी। इस दौरान रूट में पड़ने वाले गांवों तथा समीप के गांवों की मिट्टी को संग्रहित कर रथ में लिया जाएगा। इस पूरे आयोजन के दौरान समय का विशेष ध्यान रखा जाएगा, क्योंकि रथ को सूर्यास्त के पूर्व लोमश ऋषि आश्रम तक पहुंचना होगा। कलेक्टर ने रैली के रूकने (लघु विश्राम) वाली जगहों पर टैंट लगाने, रूट के मुख्यमार्ग पर शासन द्वारा निर्धारित लोगो/ध्वजयुक्त स्वागत द्वार तैयार करने, पेयजल, लंच पैकेट, मोबाइल बाॅयो-टाॅयलेट, एम्बुलेंस लगवाने की व्यवस्था करने, आमंत्रण पत्र छपवाने आदि की जिम्मेदारी अधिकारियों को देने के निर्देश दिए। साथ ही सम्पूर्ण रूट का क्लियरेंस पुलिस विभाग के द्वारा किए जाने की बात कही। इस दौरान रूट अथवा समीप के ग्रामों में मानस गान, रामायण पाठ जैसे कार्यक्रम आयोजित कराए जाने के बारे में भी बैठक में बताया गया।
कलेक्टर ने धान-खरीदी की समीक्षा करते हुए कहा कि नोडल अधिकारी यह अवश्य सुनिश्चित करें कि भौतिक टोकन तथा किसान की आगामी धान बेचने की तिथि का प्रदर्शन समिति प्रबंधक द्वारा किया जा रहा है। यह पारदर्शिता के लिए बेहद जरूरी है। इसके अलावा बारदाना पंजी, स्टाॅक रजिस्टर, कैप कव्हर डनेज, आर्द्रता का प्रतिशत, दो लेयर युक्त छल्ली का रखरखाव सहित खरीदी की पद्धति आदि मूलभूत गतिविधियों व कार्यों पर नजर रखने के लिए निर्देशित किया। इसके अलावा विभिन्न बिन्दुओं पर कलेक्टर ने बैठक में चर्चा की। इस अवसर पर डीएफओ अमिताभ बाजपेयी, जिला पंचायत की सी.ई.ओ. श्रीमती नम्रता गांधी सहित जिला स्तर के अधिकारीगण उपस्थित रहे।