
पेंसिल न पकड़ सकने वाले, सार्थक स्कूल के विशेष बच्चे,कई पृष्ठ लिखने लगे हैं, 19 बच्चों ने सुलेख लिखा
सुलेख लिखवाने से इन विद्यार्थियों की हैंडराइटिंग और मात्रा में बहुत सुधार हुआ है, मैथिली गोड़े
धमतरी | सार्थक स्कूल में हिंदी दिवस के अवसर पर , 19 बच्चों ने, दी गई विषयवस्तु को स्वच्छ और स्पष्ट तरीके से, यथासंभव जमाकर, सुलेख लिखा। हर्षिता गजेन्द्र, पंकज मंधान ,श्वेता मसीह, एकलव्य पटेल, ईशु बनपेला लीकेश साहू ,प्राची सोनी देवश्री सारवा ,दिशा गौतम ,वत्सला साहू प्रीती साहू, यज्ञदत्त साहू मनीषा साहू ,नेमेेश सिन्हा आकाश आहूजा कुणाल जसूजा सत्यांशु दीप ,मनीष मंडावी मोनिका आहूजा ने हिंदी विषय पर ।15 पंक्तियों की कविता को अपनी लिखावट में सुंदर बनाकर लिखा।पंकज ने सुलेख लिखकर, फिर उसे पढ़कर भी सुनाया। प्राची ने कविता “हिन्दी हमारी पहचान हैं, हिंदी हमारा अभिमान है|

कविता सुनाई तो कुछ बच्चों ने हिंदी स्लोगन बोलकर सुनाया।सार्थक की वरिष्ठ प्रशिक्षिका मैथिली गोड़े ने बताया कि, सुलेख लिखवाने से इन विद्यार्थियों की हैंडराइटिंग और मात्रा में बहुत सुधार हुआ है, और सार्थक में प्रशिक्षण का ही परिणाम है कि, प्रतिवर्ष बच्चे प्रगति कर रहे हैं बहुत से बच्चे हिंदी में लिखना और बोलना सीख गए हैं। सार्थक के सचिव स्नेहा राठौड़ ने सभी हिंदी दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशिक्षक मैथिली गोड़े, देविका दीवान, स्वीटी सोनी का सहयोग रहा।






