
धान खरीदी व्यवस्था की दो सत्रों में गहन समीक्षा धान उपार्जन में किसी भी तरह की अनियमितता स्वीकार नहीं – कलेक्टर मिश्रा
ऑनलाइन प्रविष्टियों में त्रुटि नहीं होनी चाहिए पात्र किसानों से शत-प्रतिशत धान खरीदी के निर्देश धान उपार्जन में पारदर्शिता और अनुशासन अनिवार्य – कलेक्टर मिश्रा
धमतरी | कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने प्रातः लाईवली हुड कॉलेज के सभा कक्ष में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की प्रगति एवं व्यवस्था की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। बैठक में समिति प्रबंधक, को-ऑपरेटिव सोसायटी बैंक प्रबंधक, समितियों के कम्प्यूटर ऑपरेटर तथा निगरानी हेतु गठित दलों के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य धान उपार्जन कार्य को पूर्णतः पारदर्शी, सुचारु एवं किसान हितैषी ढंग से संपादित करना था। समीक्षा बैठक दो सत्रों में आयोजित की गई—प्रथम सत्र में धमतरी एवं कुरूद विकासखंड तथा द्वितीय सत्र में नगरी एवं मगरलोड विकासखंड की समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री मिश्रा ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शासन के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए तथा केवल वास्तविक कृषकों से ही धान की खरीदी हो। उन्होंने बिचौलियों एवं कोचियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए और कहा कि अवैध रूप से धान बेचने अथवा खरीदी में संलिप्त पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि शासन द्वारा की जा रही धान खरीदी अब अपने अंतिम चरण में है और लगभग 9 से 10 दिन शेष हैं। अतः इस अवधि में विशेष सतर्कता, प्रभावी निगरानी एवं त्वरित निर्णय आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर किसानों का शत-प्रतिशत भौतिक एवं दस्तावेजी सत्यापन करने के निर्देश दिए। शासन की मंशा के अनुरूप जिले के सभी पात्र किसानों से धान खरीदी सुनिश्चित की जाए तथा अपात्र अथवा फर्जी प्रविष्टियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। कलेक्टर श्री मिश्रा ने समिति प्रबंधकों, सोसायटी बैंक प्रबंधकों एवं समिति ऑपरेटरों को विशेष दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि – तौल, परिवहन, भंडारण एवं ऑनलाइन प्रविष्टियों में पूर्ण सावधानी और पारदर्शिता बरती जाए। खरीदी से संबंधित सभी आंकड़े रियल टाइम में पोर्टल पर सही-सही दर्ज किए जाएं। किसानों को स्पष्ट रूप से अवगत कराया जाए कि केवल वास्तविक फसल की ही खरीदी की जाएगी तथा अतिरिक्त अथवा अवास्तविक रकबे का समर्पण अनिवार्य होगा। जिन किसानों के टोकन जारी हो चुके हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर सत्यापन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो। अन्य राज्यों अथवा जिलों से धान लाए जाने की संभावना को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन जांच एवं चौकसी बरती जाए।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता अथवा निर्देशों की अवहेलना पाए जाने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर श्री मिश्रा ने सभी अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि धान खरीदी प्रक्रिया समय-सीमा में, पूर्ण पारदर्शिता के साथ तथा किसानों के विश्वास के अनुरूप संपन्न हो। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री गजेंद्र ठाकुर, अपर कलेक्टर श्रीमती इंदिरा देहारी, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कुरूद श्री नभ सिंह, नगरी सुश्री प्रीति दुर्गम, डिप्टी कलेक्टर श्री मनोज मरकाम एवं श्रीमती कल्पना धूर्व, उप संचालक कृषि श्री मोनेश साहू, खाद्य अधिकारी श्री बसंत कोर्राम सहित जिला एवं विकासखंड स्तर के समिति प्रबंधक, सोसायटी बैंक प्रबंधक तथा अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।






