गायें भारतीय संस्कृति की जीवन प्राण हैं : संसदीय सचिव द्वारिकाधीश यादव

238

पशुधन के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भूपेश सरकार ने गोधन न्याय योजना का शुभारम्भ किया : शरद लोहाना

धमतरी| श्री कृष्ण गोवर्धन पूजा गोपाष्टमी महोत्सव एवं राउत नाचा प्रतियोगिता का आयोजन डुबान परीक्षेत्र चिखली यादव समाज के तत्वधान में प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी ग्राम पंचायत चिखली में किया गया| समाज द्वारा आयोजन का यह चौंथा वर्ष था| मुख्य अतिथि के रूप में द्वारिकाधीश यादव (संसदीय सचिव छत्तीसगढ़ शासन, विधायक खल्लारी विधानसभा) थे|अध्यक्षता शरद लोहाना (अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी धमतरी) ने की | विशिष्ट अतिथि नीशू चंद्राकर (उपाध्यक्ष जिला पंचायत धमतरी) हेमलता ताराम (सरपंच ग्राम पंचायत चिखली), सोहद्रा साहू (उपाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी धमतरी), गौरीशंकर पाण्डेय  (कांग्रेस नेता), बसन्त यादव रहे।

सर्वप्रथम भगवान श्री कृष्ण जी की विधि विधान से पूजा पाठ कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया| मुख्य अतिथि  संसदीय सचिव द्वारिकाधीश यादव ने कहा कि यह गायों की पूजा का पर्व है। गायें भारतीय संस्कृति की जीवन प्राण हैं और संसार का सबसे पवित्र पशु है| इन्हें देवतुल्य माना जाता है। गाय के शरीर में सभी देवताओं का निवास माना जाता है।गाय के गोबर और गौमूत्र से लीपी भूमि, देव पूजा व यज्ञ के लिए सर्वोत्तम मानी गयी है। भगवान श्रीकृष्ण का “गोविंद” नाम इसलिए पड़ा क्योंकि उन्होंने गोपालन-गोसंरक्षण-संवर्धन व गो सेवा के प्रति सभी लोगों को प्रेरित किया था।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष शरद लोहाना ने कहा कि गोपाष्टमी सभी देवी देवताओं को समाहित करने वाली गौ माता की आराधना का पर्व है| यादव समाज द्वारा प्राचीन काल से ही गौ माता के पालन, संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्य किया जा रहा है ।छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार ने पशुधन के संरक्षण एवं संवर्धन तथा गौ पालको के लिए जनकल्याणकारी योजना गोधन न्याय योजना का शुभारंभ हरेली त्यौहार के दिन से किया है जिसका संचालन पूरे प्रदेश में किया जा रहा है| इससे पशुधन के संरक्षण संवर्धन के साथ-साथ पशु पालकों को भी रोजगार उपलब्ध हो रहा है | सभी गांव में गौठान के निर्माण के साथ स्थानीय स्तर पर समिति का गठन किया जा रहा है। ताकि पशुओं की उचित देखभाल हो। इस दौरान ईश्वर देवांगन, संदीप साहू, मनराखन यादव, गेंदलाल यादव, पुरुषोत्तम यादव, सोहद्रा बाई यादव, नेकराम यादव, प्रमिला यादव, मालती यादव, सरिता यादव, संगीता यादव, लोकनाथ यादव, दसरथ यादव, गोविंद यादव, दीपक यादव, जामुन यादव, संजीत यादव, संजय यादव, राघवेन्द्र यादव, पंकज यादव,  राजेन्द्र यादव सहित बड़ी संख्या में यादव समाज के लोग एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।