कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार का धमतरी दौरा सरसों, अरहर व चना फसलों का किया निरीक्षण

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कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार का धमतरी दौरा सरसों, अरहर व चना फसलों का किया निरीक्षण, दलहन–तिलहन विस्तार पर दिया जोर

धमतरी | छत्तीसगढ़ शासन की कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार ने धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड का दौरा कर दलहन एवं तिलहन फसलों की स्थिति का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जिले में फसल चक्र परिवर्तन को लेकर किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। किसान धान की परंपरागत खेती से हटकर दलहन और तिलहन फसलों की ओर अग्रसर हो रहे हैं, जिससे उनकी मेहनत में कमी आने के साथ-साथ आर्थिक लाभ में भी वृद्धि हो रही है। साथ ही साथ जल, जमीन और पर्यावरण को भी सुरक्षित रखने में अपनी सहभागिता निभा रहे है जो सराहनीय है। इस दौरान उन्होंने उपस्थित किसानों से चर्चा कर फसल संबंधी जानकारी भी ली। इस दौरान श्रीमती निगार ने ग्राम बीरेझर में लगभग 300 एकड़ क्षेत्र में बोई गई सरसों की फसल तथा मेडो पर अरहर की खेती का अवलोकन किया। इसके पश्चात उन्होंने कुरूद विकासखंड के भरदा एवं कुहकूहा गांवों में चना फसल का निरीक्षण किया, जहां अधिकारियों ने बताया कि लगभग 6000 एकड़ क्षेत्र में चना की खेती की गई है। कृषि उत्पादन आयुक्त ने सरसों सहित अन्य तिलहन फसलों के रकबे में और अधिक वृद्धि करने के निर्देश दिए तथा दलहन–तिलहन आधारित प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना के लिए ठोस प्रयास करने पर बल दिया। उन्होंने किसानों से प्रधानमंत्री आशा योजना के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर दलहन एवं तिलहन खरीदी को लेकर चर्चा की और शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम बीरेझर में सरसों की फसल नेशनल ऑयलसीड्स एंड एडिबल ऑयल मिशन के अंतर्गत तथा अरहर की फसल राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वितरित बीजों से की गई है। उन्होंने बताया कि जिले में फसल चक्र परिवर्तन एवं जल संरक्षण अभियान को दो चरणों में संचालित किया गया, जिसके अंतर्गत जल संकटग्रस्त ग्रामों को प्राथमिकता दी गई। कलेक्टर श्री मिश्रा ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत कुल 227 ग्रामों के लगभग 40 हजार किसानों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जोड़ा गया। शिविरों के माध्यम से रबी फसलों के बीजों का वितरण, बीज उत्पादन कार्यक्रम हेतु पंजीयन तथा रबी ऋण वितरण सुनिश्चित किया गया। रबी वर्ष में 4300 क्विंटल बीज वितरित किए गए तथा 5379 किसानों को 20 करोड़ 54 लाख 31 हजार रुपये का ऋण प्रदान किया गया। कलेक्टर ने बताया कि फसल क्षेत्र में हुए बदलाव अभियान की सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। जिले में सरसों का रकबा गत वर्ष 2670 हेक्टेयर से बढ़कर 5726 हेक्टेयर हो गया है। मूंगफली की खेती जिले में पहली बार मगरलोड विकासखंड के बुड़ेनी एवं चंद्रसुर क्लस्टर में 283 हेक्टेयर में की गई है, जबकि गट्टासिल्ली क्लस्टर में पहली बार 100 हेक्टेयर में सूरजमुखी की खेती प्रारंभ हुई है। रबी दलहन का कुल रकबा 21850 हेक्टेयर से बढ़कर 31500 हेक्टेयर हो गया है। चना का रकबा 15830 हेक्टेयर से बढ़कर 18179 हेक्टेयर हुआ है, वहीं मक्का का रकबा 430 हेक्टेयर से बढ़कर 1000 हेक्टेयर से अधिक हो गया है। इस वर्ष जिले में 500 हेक्टेयर क्षेत्र में लघु धान्य फसल रागी का उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुरूद विकासखंड में गत वर्ष की तुलना में धान के रकबे में 30 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि दलहन एवं तिलहन फसलों के क्षेत्र में लगभग 80 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस अवसर पर उपसंचालक कृषि श्री मोनेश साहू सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।