किसान और आदिवासी हितैषी राज्य सरकार की मंशा अनुरूप दुगली में खोला गया धान खरीदी केंद्र

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नियम में शिथिलता करते हुए किसानों के हित में लिया गया फैसला
कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य दुगली पहुंच आंदोलनरत किसानों को राज्य सरकार की मंशा से कराया  अवगत
सिहावा विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव और अन्य जनप्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार का जताया आभार

धमतरी | प्रदेश सरकार की ओर से  कलेक्टर  जय प्रकाश मौर्य ने चालू खरीफ विपणन वर्ष में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए दुगली में धान खरीदी केंद्र खोलने की घोषणा की। यही नहीं  ग्रामीणों के साथ कलेक्टर श्री मौर्य, पुलिस अधीक्षक बी.पी.राजभानु, अन्य जनप्रतिनिधियों ने दुगली में खरीदी केंद्र के लिए स्थल का मुआयना भी किया ।

यहां केन्द्र खोलने के लिए पूजा अर्चना की गई। कलेक्टर ने इस मौके पर बताया कि चूंकि इस क्षेत्र की पंचायतों में पंजीकृत किसानों की संख्या आदिवासी अंचल के लिए तय संख्या 1200 और धान खरीदी न्यूनतम 30,000 क्विंटल, नहीं होने की वजह से यहां धान खरीदी केंद्र खोला जाना तकनीकी रूप से संभव नहीं था। किन्तु जनभावना को ध्यान में रख किसान और आदिवासी चिंतक राज्य सरकार ने इस ऐतिहासिक महत्व के ग्राम दुगली में धान खरीदी केंद्र के लिए बने नियम में शिथिलता करते हुए खरीदी केंद्र खोलने का फैसला ली है। 

प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत दुगली में केंद्र खोलने की घोषणा फोन के जरिए करना चाह रहे थे, किन्तु उनसे मोबाइल में संपर्क नहीं होने की वजह से कलेक्टर ने उनकी ओर से राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप यहां केन्द्र खोलने की घोषणा ग्रामीणों के बीच पहुंच कर की। इस मौके पर सिहावा विधायक डॉ लक्ष्मी ध्रुव ने आदिवासी अंचल के ग्रामीणों की ओर से राज्य सरकार को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार जताया। गौरतलब है कि यहां पांच पंचायत के 11 गांव के किसान डोंगरडुला खरीदी केंद्र के बजाय दुगली में धान खरीदी केंद्र खोलने की मांग कर धमतरी-नगरी स्टेट हाईवे में आंदोलनरत थे।

इन ग्रामीणों की लगभग बीस साल पुरानी बहुप्रतीक्षित मांग आज राज्य की भूपेश बघेल सरकार ने पूरी कर दी। कलेक्टर ने इस मौके पर सहकारिता विभाग के अमले को आज ही व्यवस्था करने के निर्देश दिए, जिससे कल से दुगली में धान खरीदी शुरू हो जाए। इस अवसर पर शरद लोहाणा, मोहन लालवानी और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उन्होंने भी राज्य सरकार का साधुवाद किया कि आदिवासी अंचल के ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया गया है।