किसानों का धान नहीं खरीदने नए-नए पैतरे अपना रही साय सरकार, घर-घर स्टॉक जांच करना, किसानों का अपमान :- तारिणी चंद्राकर

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धमतरी | जिले में धान खरीदी के दौरान किसानों को हो रही लगातार परेशानियों और प्रशासनिक सख्ती के को लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने इसे प्रदेश भाजपा साय सरकार की किसान विरोधी मनसिकता बताया है. सरकार किसानों की धान खरीदने से बचने के लिए नए-नए पैतरे अपना रही है. भाजपा सरकार के नेता और मंत्री किसानों से एक-एक दाना खरीदने का वादा करती है. जबकि जमीनी हकीकत तो यह है कि कई प्रकार के जांच किसानों के खेतों से लेकर घरों कर तमाम सत्यापन के बाद भी धान लेने टोकन जारी नही किया जा रहा है. किसानों को आज शक की दृष्टि से देखा जा रहा है जैसे किसानो ने खेती करके अपराध कर लिया है. किसानो के ऊपर लगातार छापा मार कार्यवाही किया जा रहा है. जैसे धान कोई गैर कानूनी वस्तु है. जांच के नाम पर किसानों पर कार्रवाई करना और उन्हें अपराधियों की तरह खड़ा कर फोटो लेना अन्नदाताओं का अपमान है। आगे कहा की धमतरी कृषि प्रधान जिला है जहां लगभग आबादी कृषि पर आश्रित है. सरकार की किसान विरोधी नीतियों के चलते धान बुआई से पहले किसानों को बीज के लिए दर-दर भटकना पड़ा महंगे दरों में बीज खरीदने के बाद, सरकार किसानो को खाद आपूर्ति करने असमर्थ रही. किसान फसल बचाने दोगुनी दामों मे खाद खरीदने मजबूर हुए. हजारों रुपए की कर्ज मे डूबने और कई परेशानियां बाद किसानो की उपज तैयार हुई तो सरकार प्रारंभ से ही अपनी व्यापारी मित्रों को लाभ पहुंचाने धान खरीदी करने से पीछे हटने तकनीकी दिक्कतो, धान में नमी सहित अनेक कारणों को लेकर का का बहाना बना रही है. आज 15 जनवरी बीत चुकी है 31 जनवरी तक धान खरीदी किया जाना है. ऐसे में सभी किसानों का धान खरीदी हो पाना संभव नहीं है। आगे कहा की खरीदी केंद्रों की निर्धारित सीमा (लिमिट) को तत्काल बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि किसान तय समय में अपना धान बेच सकें। टोकन वितरण में देरी, अनावश्यक नियमों और प्रशासनिक सख्ती से किसानों को राहत दिया जाए यदि शीघ्र ही किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो कांग्रेस पार्टी जिले में धान परिवहन रोकने जैसे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।