कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति एवं धमतरी डेवलपमेंट फोरम की बैठक सम्पन्न

0

निवेश एवं औद्योगिक विकास पर हुआ मंथन,धमतरी की भौगोलिक स्थिति निवेश के लिए अनुकूल; कलेक्टर श्री मिश्रा

धमतरी | कलेक्टर की अध्यक्षता में बुधवार शाम को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति एवं धमतरी डेवलपमेंट फोरम की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत में कलेक्टर ने जिले में निवेश की संभावनाओं, उपलब्ध संसाधनों एवं औद्योगिक अधोसंरचना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि धमतरी जिला कृषि एवं प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध होने के कारण लघु, मध्यम एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए अत्यंत उपयुक्त है। जिले में सड़कों, जल एवं विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ औद्योगिक वातावरण को बेहतर बनाने हेतु प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक मैं औद्योगिक विकास को गति देने हेतु विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें डायवर्सन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा, उद्योग स्थापना के लिए उपलब्ध लैंड बैंक की स्थिति, नवीन निवेश प्रस्तावों पर विचार-विमर्श तथा नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की संभावनाओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई। साथ ही, राज्य शासन की औद्योगिक नीति 2024-30 के अंतर्गत उपलब्ध अनुदान प्रावधानों की जानकारी एवं उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विचार किया गया। कलेक्टर ने जानकारी दी कि जिले में अब तक विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों एवं क्लस्टरों के लिए भूमि चिन्हांकन एवं आवंटन की प्रक्रिया में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। जीजामगांव में स्थापित फूड पार्क पूर्ण रूप से तैयार होकर संचालित हो रहा है, जबकि करेली बड़ी एवं श्यामतराई में औद्योगिक क्लस्टरों के विकास हेतु भूमि आवंटन एवं आधारभूत संरचना निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त छाती एवं कचना क्षेत्र में मेगा फूड पार्क हेतु भूमि चिन्हांकन कर डबल्प किया जा रहा है । उन्होंने बताया कि जिले में कुल पाँच औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को प्रोत्साहन मिलेगा। इन क्लस्टरों में सड़क, विद्युत, जलापूर्ति एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, जिससे उद्योग स्थापना की प्रक्रिया सरल होगी। साथ ही उद्योगों के लिए आवश्यक अनुमतियों को समय-सीमा में जारी करने हेतु “सिंगल विंडो सिस्टम” को प्रभावी बनाया गया है। कलेक्टर ने यह भी बताया कि धमतरी की भौगोलिक स्थिति निवेश के लिए अनुकूल है। राजधानी रायपुर एवं दुर्ग-भिलाई से निकटता, भारतमाला परियोजना के अंतर्गत बेहतर सड़क संपर्क एवं प्रस्तावित रेल सुविधा से जिले की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। धमतरी एवं कुरूद क्षेत्र में रेलवे रैक प्वाइंट के निर्माण से औद्योगिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। बैठक में वनोपज संघ के श्री सत्यनारायण राठी, राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री नवीन सांखला, अरवा राइस मिल के अध्यक्ष श्री राजेश गोलछा, संरक्षक श्री राजेंद्र लुंकड, चैंबर ऑफ कॉमर्स के श्री दिनेश रोहरा एवं श्री कुकरेजा, वाइल्ड लाइफ वेलफेयर के श्री गोपी साहू, श्री राकेश झंवर सहित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि, उद्योगपति, व्यापारी एवं चेंबर ऑफ कॉमर्स, ट्रांसपोर्ट, होटल, मेडिकल/हॉस्पिटल, टिंबर सदस्य,वनोपज एवं शिक्षा जैसे सभी प्रमुख सेक्टरों के प्रतिनिधियों की उपस्थित थे । बैठक में उद्योगपतियों द्वारा भूमि उपलब्धता, विद्युत आपूर्ति, परिवहन एवं बैंकिंग सहयोग से संबंधित समस्याएं रखी गईं। इस पर कलेक्टर ने संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य शासन की औद्योगिक नीति के तहत निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा तथा “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” को प्राथमिकता दी जाएगी। कलेक्टर श्री मिश्रा ने स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योगों के साथ समन्वित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन एवं उद्योग जगत के बीच सतत संवाद से धमतरी को उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि ज़िले में व्यापक संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए बीते दो वर्षों में औद्योगिक अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। कुरूद विकासखंड के भालुझूलन (11.00 हेक्टेयर) एवं मगरलोड विकासखंड के करेलीबड़ी (14.00 हेक्टेयर) में औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना हेतु भूमि का आधिपत्य को सीएसआईडीसी, रायपुर को सौंपा गया। इन औद्योगिक क्षेत्रों के निर्माण हेतु को वर्क ऑर्डर जारी किया गया , जिले की औद्योगिक दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इसी कड़ी में ग्राम श्यामतराई में 8.83 हेक्टेयर भूमि पर 464 लाख रुपये की लागत से लघु वनोपज प्रसंस्करण औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की गई है। यहां भू-आबंटन की प्रक्रिया में आवेदन प्राप्त हुए और 9 सेइकाइयों को भूमि आबंटित किया गया , निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। वहीं ग्राम छाती में 16.00 हेक्टेयर भूमि पर लैंड बैंक की स्थापना हेतु को भूमि का आधिपत्य कर सीएसआईडीसी को सौंपा गया, जिससे भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के लिए ठोस आधार तैयार हुआ है। इसके अतिरिक्त ग्राम जी-जामगांव में 600 लाख रुपये की लागत से विकसित नवीन औद्योगिक क्षेत्र में भी निवेशकों की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिल रही है। यहां भू-आबंटन की बिडिंग प्रक्रिया में 36 आवेदन प्राप्त हुए हैं तथा 12 इकाइयों को भूमि का आबंटन किया जा चुका है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा बताया कि धमतरी जिले में औद्योगिक विकास को लेकर राज्य शासन और जिला प्रशासन का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि स्थानीय संसाधनों, कृषि एवं वनोपज आधारित उद्योगों के साथ आधुनिक तकनीक और निवेश को जोड़ते हुए संतुलित एवं टिकाऊ विकास सुनिश्चित किया जाए। बीते वर्षों में जिले में औद्योगिक अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, भूमि बैंक की स्थापना तथा निवेशकों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के ठोस प्रयास किए गए हैं। इसका सकारात्मक परिणाम यह है कि धमतरी आज निवेशकों के विश्वास का केंद्र बन रहा है और स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं। आने वाले समय में प्रशासन उद्योग, रोजगार और नवाचार के माध्यम से धमतरी को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध जिला बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध रहेगा।” समग्र रूप से देखा जाए तो धमतरी जिला आज नियोजित औद्योगिक विकास, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और प्रशासनिक प्रतिबद्धता के चलते निवेश के आकर्षक केंद्र के रूप में उभर रहा है। यह विकास न केवल आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि आने वाले समय में धमतरी को रोजगार, नवाचार और आत्मनिर्भरता का मजबूत मॉडल भी बनाएगा। सभी के समन्वित प्रयासों से जिले में निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार सृजन के साथ धमतरी के समग्र आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी। बैठक के अंत में महाप्रबंधक श्री लोकपाल खांडेकर द्वारा सभी उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।